
क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है कि आप अच्छे एक्टर, मॉडल या आर्टिस्ट नहीं हैं — भले ही लोग आपके काम की तारीफ करते हों? अगर हाँ, तो आप इम्पोस्टर सिंड्रोम का सामना कर रहे हैं। ये क्रिएटिव इंडस्ट्री में बहुत आम है।
ये सोच अक्सर ऐसे लगती है: “मैं तो बस किस्मत से यहां आ गया,” “मुझे यहां नहीं होना चाहिए,” या “लोग जल्दी ही जान जाएंगे कि मैं असली नहीं हूँ।” ये भावनाएं तब आती हैं जब आप खुद की तुलना दूसरों से करते हैं या रिजेक्शन का सामना करते हैं।
पर सच्चाई ये है: आप अकेले नहीं हैं, और आप इसी इंडस्ट्री का हिस्सा हैं।
क्रिएटिविटी का कोई तय फार्मूला नहीं होता — ये परफेक्शन नहीं, अभिव्यक्ति (expression) के बारे में है। हर आर्टिस्ट को कभी न कभी खुद पर शक होता है। लेकिन फर्क ये है कि वे हार नहीं मानते।
इम्पोस्टर सिंड्रोम से जीतने के तरीके:
याद रखें, खुद पर शक होना रास्ते का हिस्सा है — हार मानने की वजह नहीं।
आप इस जगह के हकदार हैं। चलते रहिए।
Image Credit: The Decision Lab
बप्पी लाहिड़ी, जिन्हें प्यार से बप्पी दा कहा जाता है, भारतीय संगीत इतिहास के सबसे प्रभावशाली और नवोन्मेषी संगीतकारों में से एक हैं। अपने पाँच दशकों से अधिक के करियर में उन्होंने बॉलीवुड को एक ऐसा आधुनिक, चंचल और ऊर्जा से भरा संगीत दिया, जिसे भारत ने पहले कभी अनुभव नहीं किया था। उनके गीत बदलते हुए भारत की उस धड़कन को पकड़ते थे, जो अधिक जीवंत, युवा और वैश्विक प्रभावों को अपनाने के लिए तैयार हो रहा था। आज भी, उनके निधन के वर्षों बाद, उनकी धुनें पीढ़ियों तक गूंजती हैं, जो उनकी प्रतिभा की अमरता साबित करती हैं।
भारतीय सिनेमा की विशाल और जीवंत दुनिया में कुछ ही सितारे उतने दीर्घकालिक और उज्ज्वल चमके हैं जितने धर्मेंद्र जिन्हें प्यार से बॉलीवुड का ही-मैन कहा जाता है। कई दशकों तक उन्होंने केवल अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक भावना, एक युग और अपने आप में एक संस्था के रूप में स्थान बनाया। छोटे शहर का एक सपने देखने वाला युवा जब इतिहास के सबसे प्रिय और सम्मानित सितारों में से एक बन गया, तो वह यात्रा समर्पण, विनम्रता और अद्वितीय प्रतिभा की मिसाल बन गई। पीढ़ियाँ आईं और चली गईं, पर धर्मेंद्र का आकर्षण कभी फीका नहीं पड़ा वह आज भी उतना ही उज्ज्वल है।
भारतीय सिनेमा को आकार देने वाले दिग्गजों की बात जब भी होती है, सलीम खान का नाम सबसे ऊपर आता है। आज बहुत-से लोग उन्हें सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानते हैं, लेकिन सलीम खान की खुद की बॉलीवुड यात्रा किसी प्रेरणा से कम नहीं है। वे उन दुर्लभ व्यक्तित्वों में से एक हैं जिन्होंने हिंदी सिनेमा की भाषा, अंदाज़ और कहानी कहने के तरीके को एक नई दिशा दी और कहानी लेखन के लिए नए मानक स्थापित किए।
हर साल 22 नवंबर को दुनिया भर के लाखों प्रशंसक एकत्रित होकर बॉलीवुड के सबसे प्रिय और बैंकेबल स्टार कार्तिक आर्यन का जन्मदिन मनाते हैं। ईमानदारी, कड़ी मेहनत और आकर्षक ऑन-स्क्रीन व्यक्तित्व से सजी उनकी फिल्मी यात्रा ने उन्हें युवा महत्वाकांक्षा, मध्यमवर्गीय दृढ़ता और सिनेमा की मोहक दुनिया का प्रतीक बना दिया है।
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